शिकायतकर्ता


           शिकायतकर्ता  निवासी देहरादून द्वारा दिनांक 19.11.2019 को एक शिकायती प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को इस आशय का दिया कि उसके द्वारा ट्रेक्टर चलाया जाता है जिसक प्रयोग कृषि कार्य में किया जाता है।दिनांक 19.11.2019 को ट्रैक्टर के कमर्शियल प्रयोग के लिए शिकायतकर्ता द्वारा एक  आवेदन संभागीय परिवहन कार्यालय,(RTO) देहरादून किया गया था औऱ संबंधित कागजात व फीस RTO कार्यालय देहरादून में जमा किये थे, जिसके पश्चात शिकायतकर्ता RTO कार्यालय के काउन्टर no.4 पर पहुंचा, तो काउंटर no.4 पर जो कि मूख्य सहायक यशबीर बिष्ट की सीट है,पर कार्मिक मोनू को बैठे देखा, जिसने शिकायतकर्ता से फीस के अतिरिक्त 6000/ ( छ:हजार रुपये/) रिश्वत की मांग की।। जब शिकायतकर्ता द्वारा फीस तो पहले ही जमा करने की बात की गई तो  मोनू द्वारा बताया गया कि बिना 6000/ रुपये दिए, कार्य नही होगा। तथा मोनू द्वारा शिकायतकर्ता को 6000/ रिश्वत के लेकर दिनांक 21.10.2019 को RTO कार्यालय देहरादून में बुलाया।  शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता है, तथा इनके विरूद्व कार्यवाही चाहता है।
            पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच से आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन हेतु ट्रैप टीम का गठन किया गया।
           आज दिनांक 21.11.2019 को आरोपी जब शिकायतकर्ता पैसे लेकर RTO कार्यालय में पहुंचा तो काउंटर no.4 पर पुनः बैठे मोनू (जो कि मुख्य सहायक यशबीर बिष्ट की सीट है।)ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के पैसे लेकर फ़ाइल काउंटर पर पहले से मौजूद एक अन्य एजेंट प्रदीप कुमार को कार्य कराने के लिए दे दी। जिसपर  सतर्कता सैक्टर देहरादून की ट्रैप टीम द्वारा RTO कार्यालय से  सरकारी स्वतन्त्र गवाहान के समक्ष शिकायतकर्ता से 6,000/-(छ:हजार रूपयें) उत्कोच ग्रहण करते हुये रंगे हाथो.*पहले आरोपी  -प्रदीप पुत्र श्री घनश्याम सिंह निवासी विकास लोक सहस्त्रधारा रोड, देहरादून को समय करीब 15:28 दूसरे आरोपी मोनू मलिक@संदीप कुमार पत्र श्री सेवा सिंह निवासी साईं मंदिर के पास, मोहबेवाला, देहरादून, को समय करीब 15:40 तथा तीसरे आरोपी-यशबीर बिष्ट (मुख्य सहायक)पुत्र श्री जयपाल सिंह बिष्ट निवासी राजीव नगर देहरादून को  समय करीब 16:30 बजे गिरफ्तार किया गया। तीनो आरोपियों  के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून पर सुसंगत धाराओ के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कराकर विवेचना की जायेगी। 
             निदेशक, सतर्कता महोदय, द्वारा ट्रैप टीम को बधाई देते हुए उत्साह वर्धन हेतु उचित पारितोषिक देने की घोषणा की।